TREASURY
IN SAI MANDIR – TATIYAGANJ A COIN OF SAI BABA IS DISTRIBUTED AMONG DEVOTEES AS BLESSING (PRASAD) OF SAI BABA ON LAST THURSDAY OF EVERY MONTH. WHICH COINS ARE DELIVERING (ARPAN) TO SAI BABA BY DEVOTEES. THESE COINS KNOWN AS “KHAJANA OF SAI BABA” ON TAKING THE COIN YOU WILL WORSHIP COIN WITH HOLY WATER OF GANGA OR HOLY WATER OF ANY OTHER PLACE. AND YOU WILL FEEL THAT SAI BABA HAD COME IN MY HOUSE IN THE FORM COIN. YOU WILL GET MORE MONEY (PELF) & WILL FEEL PLEASURE WHOLE YEAR. SO YOU PLEASE COME IN TEMPLE ON THE LAST THURSDAY OF ANY MONTH FOR TAKING THE COIN OF SAI BABA.
बाबा के मन्दिर से खजाना:- बाबा के मन्दिर में जो भक्त एक -एक रुपया चढ़ाते है । यह सब बाबा के खजाने में जमा होता है और बाबा के इसी खजाने से एक-एक रुपया भक्तों में जाता है । भक्तगण बाबा का यह रुपया अपने घर पर पूजा के स्थान में रखकर प्रतिदिन इसे गंगाजल से नहलाते हैं और धूप , अगरबत्ती आदि दिखलाते है । आरती करते है ंबाबा की कृपा से उनके घर में वर्ष भर रुपयों पैसो की कमी नहीं रहती है । बाबा ने अपने जीवन काल में भी अपने भक्त को नौ रुपये दिये थे । जो आज भी बाबा के मन्दिर में रखे हुये हैं । बाबा का यह खजाना हवन या महाआरती के बाद भक्तांे मे हर माह के अतिम गुरुवार को बाँट दिया जाता है । पिछली बार इटावा निवासी विनोद प्रताप सिंह राणा साहब ने 400/-रुपये के एक -एक के सिक्के खजाना बांटने के लिए बाबा को अर्पण किये थे । इसी प्रकार एक भक्त ने एक-एक के 51/-रु0 दिये थे ।
बाबा का सिक्का
मैं श्री मती प्रकाष सेठ बी0-2-808 इल्डेको गार्डेन कानपुर की निवासी हूँ । मैं तात्या साईं बाबा के मन्दिर में पिछले एक वर्ष से जुड़ी हूँ । बाबा की कृपा से सब ठीक हो रहा है, बाबा के मन्दिर के फूल व बाबा के खजाने का सिक्का लाना कभी नहीं भूलती हूँ । जब से बाबा के खजाने का सिक्का प्राप्त किया है । हमारी पर्स पैसों से कभी खाली नहीं रहती है । बाबा सब पर कृपा बरसा रहे है, बोलो साईं बाबा की जय , बोलो तात्या साई की जय ।
बाबा के मन्दिर से खजाना:- बाबा के मन्दिर में जो भक्त एक एक रुपया चढ़ाते हैं। यह सब बाबा के खजाने में जमा होता है और बाबा के इसी खजाने से एक-एक रुपया भक्तों में बांटा जाता है। भक्तगण बाबा का यह रुपया अपने घर पर पूजा के स्थान में रखकर प्रतिदिन इसे गंगाजल से नहलाते हैं और धूप, अगरबत्ती आदि दिखाते हैं। आरती करते हैं। बाबा की कृपा से उनके घर में वर्ष भर रुपयों पैसों की कमी नहीं रहती है। बाबा ने अपने जीवन काल में भी अपने भक्त को नौ रुपये दिये बोलो तात्या सांई की जय। बोलो सांई बाबा की जय।
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